Friday, 25 April 2025

5 दिवसीय समर कैंप में बच्चों ने सीखा ठोस वस्तुओं का उपयोग करते हुए जोड़, गुणा, भाग।

अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन, बेमेतरा के सहयोग से शासकीय प्राथमिक शाला, मुरकी (बालक दाढ़ी संकुल, बेमेतरा) में दिनांक 21-25 अप्रैल के बीच समर कैंप आयोजित किया गया। वार्षिक परीक्षा के बाद भी बच्चों का सीखना लगा रहे, बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान प्राप्त करने हेतु बच्चों में अपेक्षित दक्षता विकसित किया जा सके, के उद्देश्य से इस ‘समर कैंप’ का आयोजन किया गया। प्रतिदिन दो घंटे की हिंदी, गणित एवं पर्यावरण अध्ययन विषय के साथ-साथ बाल विकास के अलग-अलग क्षेत्रों के संबंधी रोचक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में अपेक्षित दक्षता लाने का प्रयास किया गया। दो दिन हिंदी, दो दिन गणित एवं एक दिन पर्यावरण अध्ययन विषय केंद्रित इस ‘समर कैंप’ में प्रतिदिन औसतन 18 बच्चों ने भाग लिया।

दिवसवार आयोजित की गई गतिविधियां –

दिन

गतिविधि का नाम, उद्देश्य एवं विवरण

 

 

पहला दिन

(हिंदी विषय केंद्रित)

सर्किल टाइम

·       खेल

1.      नंबर गेम (बच्चों में एकाग्रता विकसित करना)

2.      खेल - आलू खाओ पंखा खाओ (किसी भी बात को ध्यान से सुनकर प्रत्युत्तर देने के कौशल विकसित करना)

·       बालगीत

1.      ये लो हाथी ... (बच्चों को अलग-अलग प्रकार के चेहरे के भाव, उस अनुरूप आवाज के उतार चढ़ाव संबंधी समझ बनाने के उद्देश्य से)

हिंदी भाषा केंद्रित गतिविधि

·       आओ कहानी बनाएं – (बच्चों में कल्पना करने का कौशल व अपने विचारों को मौखिक/लिखित रूप से अभिव्यक्त करने का कौशल विकसित करना)

क्राफ्ट गतिविधि

·       कागज की टोपी बनाना ((बच्चों में रचनात्मक कौशल विकसित करना)

 

 

दूसरा दिन

(हिंदी विषय केंद्रित)

सर्किल टाइम

·       बाल गीत – (किसी भी कविता को हाव-भाव के साथ करने संबंधी समझ बनाने के लिए)

1.      हमने तीन चीजें देखी

2.      चूहों... म्याऊँ सो रही है

हिंदी भाषा केंद्रित गतिविधि

·       रचनात्मक लेखन एवं चित्रकारी – (किसी चित्र को देखकर, उसमें चित्रित पात्रों को देखते हुए उनसे संबंधित किसी कहानी की कल्पना कर पाने का कौशल विकसित करना)

क्राफ्ट गतिविधि

·       ऑरिगेमि पेपर से फाफा बनाना (बच्चों में रचनात्मक कौशल विकसित करना)

 

 

 

तीसरा दिन (हिंदी एवं गणित विषय केंद्रित गतिविधियां)

सर्किल टाइम –

·       बाल गीत

1.      लंबी दाढ़ी वाले बाबा

हिंदी विषय संबंधित गतिविधि

·       कहानी को हाव-भाव एवं आवाज के उतार-चढ़ाव के साथ सुनाना तत्पश्चात बच्चों को सुनाने के लिए प्रेरित करना)

गणित विषय संबंधी गतिविधि

·       गणित का जादू (जोड़ने की अवधारणा पर समझ बनाना)

·       नंबर जम्प (गिनमाला TLM का उपयोग करते हुए गुणा पर समझ बनाना)

एक रोचक खेल ‘नंबर जंप’ खेलते हुए ‘गिनमाला’ TLM का उपयोग करते हुए गुणा की अवधारणा (किसी संख्या को बार-बार जोड़ना) (मानक कलन विधि के पूर्व का step) पर सभी बच्चों को इस प्रक्रिया में शामिल करते हुए समझ बनाया गया)

 

 

 

चौथा दिन (गणित विषय केंद्रित)

सर्किल टाइम –

·       खेल – Lion, Wall & Gun (fun game)

·       गणित के खेल

1.      नंबर गेम (संख्या समझ के साथ-साथ गुणा की अवधारणा पर समझ बनाना)

·       बाल गीत

1.      ये लो हाथी ... (बच्चों को अलग-अलग प्रकार के चेहरे के भाव, उस अनुरूप आवाज के उतार चढ़ाव संबंधी समझ बनाने के उद्देश्य से)

गणित विषय संबंधी गतिविधि

·       नंबर जम्प (गिनमाला एवं स्ट्रॉ TLM का उपयोग करते हुए भाग पर समझ बनाना)

एक रोचक खेल ‘नंबर जंप’ खेलते हुए ‘StrawTLM का उपयोग करते हुए ‘भाग’ (division) की अवधारणा (किसी संख्या को बार-बार घटाना या किसी वस्तु को बराबर बांटना, किसी वस्तु को इकाई या सैकड़ा की ओर से बांटना) (मानक कलन विधि के पूर्व का step) पर सभी बच्चों को इस प्रक्रिया में शामिल करते हुए समझ बनाना)

 

 

 

 

 

पाँचवाँ दिन (पर्यावरण  विषय केंद्रित)

 

 

 

सर्किल टाइम  

·       बाल गीत – (कविता को हाव-भाव के साथ गाना व उसके अर्थ समझना)

1.      एक बुढ़िया ने बोया दाना –

·       पर्यावरण अध्ययन विषय संबंधित गतिविधि –

जिला, राज्य एवं देश के राजनीतिक मानचित्र को देखते हुए दिशा एवं स्थान की समझ बनाना

·       बच्चों का कोना निर्माण –

दूसरे दिन कराए गए सभी बच्चों के रचनात्मक लेखन को कक्षा में एक रस्सी की सहायता से लटकाते हुए ‘बच्चों का कोना’ बनाया गया। 

 

इस 5 दिवसीय कार्यशाला के दौरान शाला के प्रधान पाठक ललित घृतलहरे, शकुंतला सोनवानी, रंजूलता राठिया की उपस्थिति रही। अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन, बेमेतरा से साकेत बिहारी ने इस 5 दिवसीय समर कैंप की गतिविधियों को संचालित किया।   



Sunday, 20 April 2025

शासकीय प्राथमिक शाला, लालपुर में 6 दिवसीय समर कैंप का आयोजन सम्पन्न

अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन, बेमेतरा के सहयोग से शासकीय प्राथमिक शाला, लालपुर (पचभैया संकुल, बेमेतरा) में दिनांक 09-19 अप्रैल के बीच 6 दिवसीय समर कैंप आयोजित किया गया। वार्षिक परीक्षा के बाद भी बच्चों का सीखना लगा रहे, बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान प्राप्त करने हेतु बच्चों में अपेक्षित दक्षता विकसित किया जा सके, के उद्देश्य से इस ‘समर कैंप’ का आयोजन किया गया। प्रतिदिन दो घंटे की हिंदी, अंग्रेजी, गणित एवं पर्यावरण अध्ययन विषय के साथ-साथ बाल विकास के अलग-अलग क्षेत्रों के संबंधी रोचक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में अपेक्षित दक्षता लाने का प्रयास किया गया। दो दिन हिंदी, एक दिन अंग्रेजी, दो दिन गणित एवं एक दिन पर्यावरण अध्ययन विषय केंद्रित इस ‘समर कैंप’ में प्रतिदिन औसतन 12 बच्चों ने भाग लिया। उच्च प्राथमिक शाला, लालपुर के कक्षा छठवीं के कुछ बच्चे भी शामिल रहे। 

दिवसवार आयोजित की गई गतिविधियां –

दिन

गतिविधि का नाम, उद्देश्य एवं विवरण

 

 

पहला दिन

(हिंदी विषय केंद्रित)

सर्किल टाइम

·       अपना परिचय देना –

·       नंबर गेम (संख्या समझ के साथ-साथ बच्चों में एकाग्रता विकसित करना)

·       खेल - आलू खाओ पंखा खाओ (किसी भी बात को ध्यान से सुनकर प्रत्युत्तर देने के कौशल विकसित करना)

हिंदी भाषा केंद्रित गतिविधि

·       आओ कहानी बनाएं – (बच्चों में कल्पना करने का कौशल व अपने विचारों को मौखिक/लिखित रूप से अभिव्यक्त करने का कौशल विकसित करना)

क्राफ्ट गतिविधि

·       कागज की टोपी बनाना ((बच्चों में रचनात्मक कौशल विकसित करना)

दूसरा दिन

(हिंदी विषय केंद्रित)

सर्किल टाइम

बाल गीत –

·       हमने तीन चीजें देखी – (किसी भी कविता को हाव-भाव के साथ करने संबंधी समझ बनाने के लिए)

·       ये लो हाथी ... (बच्चों को अलग-अलग प्रकार के चेहरे के भाव, उस अनुरूप आवाज के उतार चढ़ाव संबंधी समझ बनाने के उद्देश्य से)

हिंदी भाषा केंद्रित गतिविधि

·       रचनात्मक लेखन एवं चित्रकारी – (किसी चित्र को देखकर, उसमें चित्रित पात्रों को देखते हुए उनसे संबंधित किसी कहानी की कल्पना कर पाने का कौशल विकसित करना)

क्राफ्ट गतिविधि

·       ऑरिगेमि पेपर से फाफा बनाना (बच्चों में रचनात्मक कौशल विकसित करना)

 

 

तीसरा दिन

(अंग्रेजी विषय केंद्रित)

·       सर्किल टाइम –

बच्चों का कोना निर्माण – (दूसरे दिन कराए गए सभी बच्चों के रचनात्मक लेखन को कक्षा में एक रस्सी की सहायता से लटकाते हुए ‘बच्चों का कोना’ बनाया गया। 

·       अंग्रेजी भाषा केंद्रित बाल गीत –

1.      Mummy open the door (अंग्रेजी भाषा की किसी कविता को हाव-भाव के साथ करने संबंधी समझ बनाना)

·       शाला को अंग्रेजी विषय संबंधित प्रिंट-रिच बनाने संबंधी गतिविधि – बच्चों के द्वारा शाला में स्थित संबंधित objects के अंग्रेजी नाम जानना एवं उसका लेबलिंग करना। (उद्देश्य - शाला में बच्चों को अंग्रेजी भाषा संबंधित माहौल दिलाना ताकि वे अंग्रेजी भाषा को भी वे हिंदी भाषा की तरह ही आसानी से सीख सकें)

 

 

 

 

चौथा दिन (अंग्रेजी एवं गणित विषय केंद्रित)

·       सर्किल टाइम –

बाल गीत – (कविता को हाव-भाव के साथ गाना व उसके अर्थ समझना)

1.      एक बुढ़िया ने बोया दाना –

2.      चूहों... म्याऊँ सो रही है

·       शाला को अंग्रेजी विषय संबंधित प्रिंट-रिच बनाने संबंधी गतिविधि –

बच्चों को शाला में मौजूद स्थायी objects के अंग्रेजी नाम से परिचित कराना। तत्पश्चात उनके अंग्रेजी नाम को चार्ट पेपर पर लिखते हुए उन्हें संबंधित वस्तु के एक निश्चित स्थान पर लगाना। (उद्देश्य - शाला में बच्चों को अंग्रेजी भाषा संबंधित माहौल मिले और अंग्रेजी भाषा को भी वे हिंदी भाषा की तरह ही सीख सकें)

·       गणित विषय संबंधित गतिविधि –

एक रोचक खेल ‘नंबर जंप’ खेलते हुए ‘गिनमाला’ TLM का उपयोग करते हुए गुणा की अवधारणा (किसी संख्या को बार-बार जोड़ना) (मानक कलन विधि के पूर्व का step) पर सभी बच्चों को इस प्रक्रिया में शामिल करते हुए समझ बनाना)

 

 

पाँचवाँ दिन (गणित विषय केंद्रित)

·       सर्किल टाइम –

बाल गीत – (कविता को हाव-भाव के साथ गाना व उसके अर्थ समझना)

1.      लंबी दाढ़ी वाले बाबा ...

खेल – lion, wall & Gun (fun game)

·       गणित विषय संबंधित गतिविधि –

एक रोचक खेल ‘नंबर जंप’ खेलते हुए ‘StrawTLM का उपयोग करते हुए ‘भाग’ (division) की अवधारणा (किसी संख्या को बार-बार घटाना या किसी वस्तु को बराबर बांटना, किसी वस्तु को इकाई या सैकड़ा की ओर से बांटना) (मानक कलन विधि के पूर्व का step) पर सभी बच्चों को इस प्रक्रिया में शामिल करते हुए समझ बनाना)

 

 

छठवाँ दिन (पर्यावरण अध्ययन केंद्रित)

·       सर्किल टाइम –

बाल गीत – (कविता को हाव-भाव के साथ गाना व उसके अर्थ समझना)

1.      लंबी दाढ़ी वाले बाबा ...

खेल – गणित का जादू (fun as well as addition related activity)

·       पर्यावरण अध्ययन विषय संबंधित गतिविधि –

जिला, राज्य एवं देश के राजनीतिक मानचित्र को देखते हुए दिशा एवं स्थान की समझ बनाना

 

इस 6 दिवसीय कार्यशाला के दौरान शाला के प्रधान पाठक हेमचंद साहू, जागेश्वर बनछोड़, भूपेन्द्र नेताम सहित संकुल समन्वयक (पचभैया संकुल) सुखचन्द चंद्राकर उपस्थित रहे। अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन, बेमेतरा से साकेत बिहारी ने इस 6 दिवसीय समर कैंप की गतिविधियों को संचालित किया।


Sunday, 12 January 2025

रामकृष्णा परमहंस का जीवन दर्शन

दक्षिणेश्वर के परमहंस के नाम से विश्वविख्यात रामकृष्णा परमहंस की गणना आधुनिक भारत के सर्वप्रमुख सन्यासियों में की जाती है। उनकी महानता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रवींद्र नाथ टैगोर द्वारा 1915 में गांधीजी को महात्मा शब्द से संबोधित करने के दो दसक पूर्व ही संस्कृत के महान विद्वान फादर मैक्स मूलर ने 1896 में अपने लिखे एक लेख में उन्हें महात्मा कहकर संबोधित करते हैं (A real Mahatma)[i]   

रामकृष्ण परमहंस देवी काली के एक समर्पित भक्त थे, जिनका जन्म 20 फरवरी 1833 ई. को हुगली जिले के कमरपुरकर गाँव के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनका वास्तविक नाम गदाधर था। उनके बड़े भाई कलकत्ता के दक्षिणेश्वर में पंडिताई का काम करते थे। दक्षिणेस्वर में ही एक धनाद्य महिला ने एक भव्य मंदिर का निर्माण कराया। उस मंदिर के लिए पुजारी की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी उस महिला ने गदाधर के बड़े भाई को सौंपी। उन्होंने अपने भाई (गदाधर) को समझाकर उस मंदिर का पुजारी बना दिया। यहीं से गदाधर के जीवन में भक्ति-भाव अपने चरम की ओर जाने लगे। नियमित पूजा-पाठ के साथ-साथ वे चिंतन-मनन की ओर भी अग्रसर होने लगे। उनके मन में माता काली के दर्शन की आकांक्षा दिनों दिन बढ़ने लगी।

काली माता के दर्शन के लिए उनकी व्याकुलता चरम पर थी। कहा जाता है कि माता के दर्शन न होने से वे घोर निराश हो गए थे, एक दिन मंदिर में माता के खड़ग से अपना सिर काटने का जब प्रयास किया तो एकाएक माँ काली ने प्रत्यक्ष रूप से प्रकट होकर उन्हें दर्शन दिए। दर्शन के पश्चात उनकी स्थिति ऐसी हो गयी कि पल-पल में ही वे गंभीर समाधि में चले जाते थे। गदाधर (रामकृष्ण) को इस अवस्था से बाहर निकालने के लिए उनका विवाह कर दिया गया। ऐसा कहा जाता है कि विवाह के पश्चात भी रामकृष्णा परमहंस ने अपनी पत्नी को माता तुल्य ही माना और ब्रह्मचर्य पर विजय प्राप्त किया।

चिंतन-मनन की प्रवृत्ति ने उन्हें इस्लाम की ओर भी आकर्षित किया। इस्लाम धर्म के अनुभव जानने के लिए वे मुस्लिम भी बन गए। उनका कहना था कि किसी को यदि जानना है तो गहराई में समर्पण से कूद जाओ। मुसलमान बनकर घोर साधना करने के पश्चात उन्होंने घोषणा की - इस्लाम धर्म वेदांत के बहुत समीप है’। 

अध्ययन हेतु प्रयुक्त ग्रंथ

राजस्वी एम आई, ‘विश्वगुरु विवेकानंद’ फिंगरप्रिंट प्रकाशन, नई दिल्ली, 2019

Muller F Max ‘Ramkrishna: His life and sayings’ Niyogi books, new Delhi, 2019



[i] Muller F Max ‘Ramkrishna: his life and sayings’ Niyogi books, new Delhi, 2019, page no 11