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Saturday, 6 December 2025

पांच दिवसीय नवीन पाठ्यपुस्तक उन्मुखीकरण कार्यशाला का समापन

 शासकीय माध्यमिक शाला खिलोरा (बेमेतरा) में दिनाँक 2 से 6 दिसंबर 2025 तक पूर्व माध्यमिक शाला के शिक्षकों के लिए नवीन पाठक पुस्तक उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। इस पांचदिवसीय कार्यशाला में बेमेतरा विकासखंड के पूर्व माध्यमिक शालाओं के 200 से अधिक शिक्षकों को वर्ष 2025 में लाए गए विज्ञान (जिज्ञासा), सामाजिक विज्ञान (समाज का अध्ययन), अंग्रेजी (पूर्वी), संस्कृत (दीपकम) विषय के नवीन पाठ्यपुस्तकों का उन्मुखीकरण किया गया। इन विषयों के अतिरिक्त नए जोड़े गए पाठ्यपुस्तक जैसे - खेल एवं योगशिक्षा (खेल यात्रा), कला शिक्षा (कृति 1), व्यावसायिक शिक्षा (कौशल बोध) से भी शिक्षकों को परिचित कराया गया।

शासकीय माध्यमिक शाला, खिलोरा के चार अलग-अलग कमरों में आयोजित इस कार्यशाला में सभी शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के मुख्य प्रावधनों से परिचित कराते हुए इसके क्रियान्वयन हेतु बनाए गए दस्तावेज राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-SE) 2023 से परिचित कराया गया। तत्पश्चात इसमें उल्लेखित सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, अंग्रेजी, संस्कृत आदि विषयों को पढ़ाने के उद्देश्य, पाठचर्या के लक्ष्य, शिक्षण विधि, इस हेतु प्रयुक्त किए जाने वाले शिक्षण सहायक सामग्री, संबंधित सीखने के प्रतिफल, आदि को गतिविधियों के माध्यम से करके बताया गया। शिक्षकों को प्रत्येक विषय का अध्याय वार डेमो कराकर विषय पर गहराई से समझ विकसित करने का प्रयास किया गया।

इन पांच दिनों के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के एक प्रमुख लक्ष्य – ‘बच्चों को 21 वीं सदी के नागरिक के रूप में विकसित करने’ को प्राप्त करने के लिए उपयुक्त गतिविधियों पर समझ विकसित किया गया। इन बिंदुओं पर चर्चा केंद्रित रही -

·       कक्षा में अलग-अलग विषय वस्तु पर छोटे-छोटे प्रोजेक्ट देकर बच्चों को स्वयं से समझ के साथ किसी अवधारणा को सीखने के किस प्रकार मौके दिए जा सकते हैं?

·       सीखने की प्रक्रिया में रोचकता लाने के लिए अलग अलग प्रकार की विधियों जैसे - टीएलएम के प्रयोग, रोल प्ले, वाद-विवाद, बातचीत के मौके देकर उनमें आलोचनात्मक चिंतन इसका कौशल लाया जाए?

·       बच्चों के सीखने में शिक्षकों के साथ-साथ समुदाय के विषय विशेषज्ञ की एक स्रोत व्यक्ति के रूप में किस प्रकार सेवाएं लिया जा सकता है?

·       अलग-अलग अवधारणाओं पर समझ बनाने में कक्षा का प्रिंट समृद्ध माहौल किस प्रकार सहायक है?

·       प्रत्येक पाठ शिक्षण के दौरान किन अलग अलग प्रकार के शिक्षण विधियों का प्रयोग किया जा सकता है?

कार्यशाला के समापन पर पांचवें दिन BEO- Bemetara, BRC – Bemetara एवं DIET, Bemetara के faculty शिक्षकों का उत्साहवर्धन करने हेतु शामिल हुए। सभी शिक्षकों को सक्रिय सहभागिता हेतु सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। चारों विषय के कुल 12 मास्टर ट्रेनर ने सत्र को संचालित किया। इस कार्यशाला में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, बेमेतरा के तीन सदस्य नेहा (विज्ञान) श्रेया (अंग्रेजी) एवं साकेत (सामाजिक विज्ञान) विषय में शामिल हुए।


Saturday, 28 June 2025

दांगी युवा शक्ति द्वारा दांगी समाज के प्रतिभाओं को किया गया सम्मानित

दांगी समाज को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रयत्नशील एवं प्रतिबद्ध जमुई  (बिहार) में जमीनी स्तर पर कार्यरत सामाजिक संगठन ‘दांगी युवा शक्ति’ द्वारा दिनांक 22 जून 2025 दिन रविवार को ‘सम्राट अशोक प्रतिभा सम्मान सह शिक्षा सेमिनार समारोह – 2025’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 10वीं एवं 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जमुई जिले के छात्र-छात्राओं को शील्ड, मेडल आदि देकर सम्मानित किया गया। जमुई नगर स्थित द्वारिका विवाह भवन में आयोजित इस समारोह में जिले के कोने-कोने से आए हज़ारों लोगों ने सहभागिता की।

ज्ञात हो कि आज से 10 वर्ष पूर्व 2015 में जमुई के कुछ युवाओं ने मिलकर एक स्वप्न देखा था कि सैकड़ों/हज़ारों वर्ष से पिछड़े समाज के रूप में गिने जाने वाले दांगी जाति एवं इसके युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए, समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए कुछ सम्मिलित प्रयास किए जाएं। आखिर कब तक हम पिछड़े समाज होने का तमगा ढोते रहेंगे, अब हमें अपने दांगी समाज को जागृत एवं विकसित समाज के रूप में स्थापित करना है। उन युवाओं ने इस स्वप्न को साकार करने के लिए 2015 में ‘दांगी युवा शक्ति’ के नाम से एक संगठन बनाया और इसी के बैनर तले कुछ छोटे-बड़े कार्यक्रम आयोजित करना प्रारंभ किये।  

संगठन का पहला प्रयास था - जमुई नगर स्थित दांगी छात्रावास की व्यवस्था को सुधारने का, उसका जीर्णोद्धार करने का। इस बात को ध्यान में रखते हुए कि 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर कक्षा पास करने के पश्चात दांगी युवा वहाँ रहकर अपना भविष्य संवार रहे होते हैं, छात्रावास में उनकी मूलभूत आवश्यकता जैसे पेयजल, शौचालय, स्वच्छ हवादार कमरे, पुस्तकालय आदि पर विशेष रूप से ध्यान देते हुए भवन से लेकर कई प्रकार की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाया गया। इसी क्रम में समाज के लोगों को संगठित करने के लिए वनभोज कार्यक्रम, होली मिलन समारोह का आयोजन हो रहा है। जिसमें प्रति वर्ष एक बार सैकड़ों की संख्या में शामिल होकर लोग एक जगह बैठकर एक दूसरे से घुलते मिलते हुए अप्रत्यक्ष रूप से संगठित होकर रहने का संदेश दे रहे हैं। 

इसी कड़ी में एक कदम आगे बढ़ते हुए दांगी युवा शक्ति ने वर्ष 2019 से लगातार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विशेष रूप से 10वीं एवं 12वीं कक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले, सरकारी, गैर सरकारी क्षेत्रों में अपने अथक मेहनत से नौकरी प्राप्त करने वाले युवा-युवतिओं को सम्मानित कर, उनका हौसला बढ़ाकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का हरसंभव लगातार प्रयास किया जा रहा है। युवा प्रतिभाओं को निखरने का पर्याप्त मौका मिले इसका भी ध्यान रखते हुए शिक्षा सेमिनार को इस सम्मान कार्यक्रम का एक अनिवार्य हिस्सा बनाया गया। दांगी समाज के ही मोटिवेशनल स्पीकर श्री अनुराग दांगी पिछले 6 साल से लगातार समाज के युवाओं को मार्गदर्शित करने का कार्य करते रहे हैं। इसी कड़ी में इस वर्ष 2025 में भी ‘दांगी युवा शक्ति’ द्वारा लगातार छठवीं बार प्रतिभा सम्मान समारोह सह शिक्षा सेमिनार का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम को सफल बनाने में पूरे समाज का योगदान रहा।  संगठन से जुड़े ऊर्जावान कार्यकर्ताओं ने दांगी समाज के लोगों से इस नेक कार्य में सहयोग करने की अपील की गई, जिसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। जमुई जिले में निवासरत दांगी बंधुओं के साथ-साथ देश के अलग-अलग राज्यों में सरकारी, गैर सरकारी क्षेत्र में अपनी सेवाएं देने वाले सैकड़ों युवाओं ने कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु आर्थिक सहयोग किया।  

पिछले वर्ष शुरू की गई परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी दीप प्रज्वलित करने के स्थान पर वृक्षारोपण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस शुरुआत के माध्यम से अधिक से अधिक पेड़ लगाने एवं बचाने का प्रत्यक्ष सन्देश समाज एवं पूरी दुनिया को दिया गया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए दांगी समाज के लोगों ने शिक्षा एवं संगठन के मजबूती पर अपनी-अपनी राय रखी। इसके बाद मोटीवेशनल स्पीकर अनुराग दांगी ने उपस्थित दाँगी युवाओं को जीवन में सफल होने के सूत्रों से परिचित कराया। अनुराग दांगी ने युवाओं से एआई (आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस) के उपयोग से अपने जीवन जीने के तरीके, पढ़ाई-लिखाई, प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी को आसान करने के तरीकों को अपनी पुस्तक ‘एआई ब्रह्मास्त्र’ का जिक्र करते हुए उनका ज्ञानवर्द्धन किया। इसके पश्चात उन्होंने टाइम मैनेजमेंट स्किल पर युवाओं को जागरूक करते हुए अनुशासनपूर्ण जीवन जीने के तरीके से परिचित कराया। युवाओं को उन्होंने मोटिवेट किया कि वर्तमान समय में जीवन में कुछ अच्छा करने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ आजीविका कमाने के लिए युवाओं को अपने अंदर आवश्यक कौशल विकसित करने चाहिए। उचित समय प्रबन्धन द्वारा ही युवा अपने अंदर ये कौशल विकसित कर सकते हैं। साथ ही युवाओं को यह भी संदेश दिया कि सरकारी नौकरी प्राप्त करने की दिशा में बढ़ने के साथ-साथ खुद में ऐसे कौशल भी विकसित करें जो रोजगार प्राप्ति में सहायक हो। मातृभाषा हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी को भी आत्मसात करने की अपील उन्होंने युवाओं से की ताकि वर्तमान समय के साथ युवा कदमताल कर सके।  

उपस्थित सभी लोग बहुत ही गौर से इनकी बातों को सुन रहे थे। कक्षा दसवीं के उन 10-10 छात्र एवं छात्राओं को सील्ड देकर सम्मानित किया गया जिन्होंने इस परीक्षा को प्रथम दर्जे के साथ पास करने के साथ-साथ 70% से अधिक अंक हासिल किया। इसके पश्चात 50 से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रथम दर्जे से पास करने के लिए मेडल देकर सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में कक्षा बारहवीं के 10-10 छात्र एवं छात्राओं को शील्ड देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने 12वीं बोर्ड की परीक्षा को 70% से अधिक अंकों के साथ पास किया। एवं 50 से अधिक छात्र एवं छात्राओं को प्रथम दर्जे से पास करने के लिए मेडल देकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में वर्ष 2024 -25 में अपने अथक प्रयास से प्रतियोगिता परीक्षा पास करते हुए सरकारी एवं गैर सरकारी क्षेत्र की सेवाओं में योगदान देने वाले 30 से अधिक युवा-युवतिओं को शील्ड देकर ‘दांगी गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया। 

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चिनवेरिया ग्राम निवासी राष्ट्रपति से पुरस्कार प्राप्त श्री अर्जुन मंडल, समाजसेवी रवींद्र मंडल, मौजूद थे। साथ ही इस एक दिवसीय कार्यक्रम में दांगी समाज के डॉ. शशिभूषण, वरिष्ठ कॉंग्रेस नेता सुबोध मंडल, डॉ रंजीत कुमार, श्री गोपाल मंडल, श्री शतेंद्र मंडल, श्री प्रदीप कुमार, श्री नागेंद्र नाथ, श्री जंग बहादुर सिंह, श्री निरंजन मंडल, श्री बरुण कुमार, श्री अरुण मंडल, श्री उमेश चंद्र मंडल, डॉ धर्मेंद्र मंडल(आयुर्वेदिक चिकित्सा पदाधिकारी), श्री पुरुषोत्तम चंद्रा, श्री कुमार मुकेश, श्री योगेश कुमार, श्री राजीव नयन एवं सैकड़ों समाज के गणमान्य लोग इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा बने।  

पूरे कार्यक्रम को संचालित करने में दांगी युवा शक्ति के सहयोगी अजित कुमार, राजेश कुमार, चंद्रशेखर कुमार, अवध बिहारी, अरुण कुमार, आदित्य कुमार, नवीन कुमार, प्रेम सिंह दांगी, रुपेश कुमार, बलराम कुमार, राजीव कुमार आदि ने योगदान दिया।



Friday, 2 May 2025

शिक्षक सेमिनार में कहानी उत्सव कराने वाले शिक्षकों को किया गया सम्मानित

 विकासखण्ड स्त्रोत केंद्र, बेमेतरा एवं अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त योगदान से दिनांक 01 मई 2025 को विकासखण्ड स्त्रोत केंद्र, बेमेतरा के प्रशिक्षण भवन में शिक्षक सेमिनार एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय आयोजन में ‘विकासखण्ड स्तरीय कहानी उत्सव’ आयोजित करने वाले 176 शिक्षकों में से उन 62 शिक्षकों को सम्मानित किया गया जिन्होंने विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक, बेमेतरा के आग्रह पर अपनी-अपनी शाला/कक्षा के बच्चों को 6 से लेकर 24 सप्ताह तक निरंतर कहानी सुनाते हुए बच्चों में बुनियादी साक्षरता कौशल विकसित कराने हेतु कार्य किया।

          ज्ञात हो कि बेमेतरा विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक श्री राजेन्द्र कुमार साहू ने प्रत्येक बच्चों में FLN (Foundational Literacy & Numeracy) सुनिश्चित कराने की दिशा में कार्य करते हुए सितंबर 2024 में विकासखण्ड स्तरीय कहानी उत्सव (हर सप्ताह एक कहानी) की शुरुआत की थी। इसके अंतर्गत मुस्कान पुस्तकालय से हर सप्ताह एक कहानी एवं उससे संबंधित गतिविधियां (जिसमें भाषा सिखाने के 4 ब्लॉक मॉडल मौखिक भाषा विकास, डिकोडिंग, पठन, लेखन संबंधी गतिविधियों का समावेश होता था) एक बुकलेट संकुल समन्वयकों के माध्यम से साझा की जाती थी। शिक्षक अपनी कक्षा में बच्चों के साथ उन गतिविधियों को कराते थे व इससे संबंधित फोटो/विडिओ व्हाट्सएप समूह में साझा करते थे। सितंबर से मार्च माह तक कुल 26 कहानियाँ उन्होंने साझा किए।  

सम्मानित किए गए शिक्षकों में से 7 ने अपने-अपने कार्यानुभव, अलग-अलग थीम पर केंद्रित होकर कार्य करने के अनुभव, कहानी उत्सव में लंबे समय तक सहभागिता से बच्चों के स्तर में आए बदलाव, उनकी शिक्षकीय प्रक्रिया में आए बदलाव को सभी उपस्थित 50 से अधिक शिक्षकों, शिक्षा अधिकारियों के समक्ष Power point Presentation के माध्यम से साझा किया। 

निम्न शिक्षकों ने अपना प्रस्तुतीकरण दिया-

क्रम

शिक्षक का नाम

शाला का नाम

विषयवस्तु

01

भगवती प्रसाद मार्कन्डेय

प्रा. शाला तरके

(चरगवा संकुल)

FLN प्राप्ति हेतु बाल साहित्य (मुस्कान पुस्तकालय) का प्रयोग: 6 माह के अनुभव का सार

02

बबली वैष्णव

प्रा. शाला, मुड़पार (बिलाई संकुल)

कहानी के माध्यम से वर्ण-मात्राओं का ज्ञान: 6 माह के अनुभव का सार

03

रश्मि तिवारी

प्रा. शाला, पड़कीडीह  (झाल संकुल)

सक्रिय पुस्तकालय हेतु कहानी की भूमिका: 6 माह के अनुभव का सार

04

चंद्रहास सोनी

प्रा. शाला, बहुनवागाँव  (पिकरी संकुल)

पुस्तकालय के उपयोग से बच्चों में पढ़ने की आदत का निर्माण: 6 माह के अनुभव का सार

05

किरण खरे

प्रा. शाला, सिंघोरी (सिंघोरी संकुल)

कहानी सुनाना एक कला: 6 माह के अनुभव का सार

06

मनीषा कौशल

प्रा. शाला, नवागाँव (हेमाबंद संकुल)

कहानी के माध्यम से भाषा के 4 ब्लॉक मॉडल पर काम: 6 माह के अनुभव का सार

07

ज्योति किरण साहू

प्रा. शाला, मटका (मटका संकुल)

Story telling with code mix

 

इन सभी शिक्षकों ने साझा की गई कहानियों पर कार्य करते हुए अलग अलग थीम पर केंद्रित रहते हुए अपना प्रस्तुतीकरण दिया। इन शिक्षकों के कार्यों की सराहना करने एवं फीडबैक देने के लिए सेमिनार में तीन पैनालिस्ट (विषय विशेषज्ञ) भी शामिल हुए। ये पैनलिस्ट थे – सुश्री प्रतिभा साहू (शासकीय प्राथमिक शाला, बेरला) सुश्री सावित्री साहु (शासकीय प्राथमिक शाला, जामगाँव, बेरला) श्रीमती मोनिका (सदस्य, अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन, बेरला)। इन सभी ने सभी 7 शिक्षकों की प्रस्तुतीकरण के बाद उनके कार्यों की समीक्षा करते हुए और क्या-क्या बेहतर कर सकते हैं? इसपर बात रखे।  

प्रस्तुतिकरण के बाद सभी प्रतिभागी शिक्षकों को बेमेतरा जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. कमल कपूर बंजारे, बेमेतरा जिला मिशन समन्वयक (समग्र शिक्षा) श्री नरेन्द्र वर्मा, सहायक जिला मिशन समन्वयक भूपेन्द्र साहू एवं धनंजय शर्मा, बेमेतरा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी श्री अरुण खरे, बेमेतरा बीईओ जी एन सिंह बेमेतरा विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक, श्री राजेन्द्र कुमार साहू व अन्य उपस्थित शिक्षा विभाग के अधिकारियों के द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किया गया। संकुल अकादमिक समन्वयक डोमेन्द्र पाण्डेय, चुरावन वर्मा, चैतराम सेन, आदि की भी गरिमामय उपस्थिति रही।

सेमिनार से पूर्व प्रतिभागी शिक्षकों को प्रस्तुतीकरण के लिए तैयार करने से लेकर सेमिनार आयोजन में अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन, बेमेतरा के सदस्यों (राघवेंद्र, जयप्रकाश, श्रेया, स्वरूपा, वासु, पवन, साकेत, मनीष एवं कुमुद) की सक्रिय भूमिका रही।



Friday, 25 April 2025

5 दिवसीय समर कैंप में बच्चों ने सीखा ठोस वस्तुओं का उपयोग करते हुए जोड़, गुणा, भाग।

अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन, बेमेतरा के सहयोग से शासकीय प्राथमिक शाला, मुरकी (बालक दाढ़ी संकुल, बेमेतरा) में दिनांक 21-25 अप्रैल के बीच समर कैंप आयोजित किया गया। वार्षिक परीक्षा के बाद भी बच्चों का सीखना लगा रहे, बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान प्राप्त करने हेतु बच्चों में अपेक्षित दक्षता विकसित किया जा सके, के उद्देश्य से इस ‘समर कैंप’ का आयोजन किया गया। प्रतिदिन दो घंटे की हिंदी, गणित एवं पर्यावरण अध्ययन विषय के साथ-साथ बाल विकास के अलग-अलग क्षेत्रों के संबंधी रोचक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में अपेक्षित दक्षता लाने का प्रयास किया गया। दो दिन हिंदी, दो दिन गणित एवं एक दिन पर्यावरण अध्ययन विषय केंद्रित इस ‘समर कैंप’ में प्रतिदिन औसतन 18 बच्चों ने भाग लिया।

दिवसवार आयोजित की गई गतिविधियां –

दिन

गतिविधि का नाम, उद्देश्य एवं विवरण

 

 

पहला दिन

(हिंदी विषय केंद्रित)

सर्किल टाइम

·       खेल

1.      नंबर गेम (बच्चों में एकाग्रता विकसित करना)

2.      खेल - आलू खाओ पंखा खाओ (किसी भी बात को ध्यान से सुनकर प्रत्युत्तर देने के कौशल विकसित करना)

·       बालगीत

1.      ये लो हाथी ... (बच्चों को अलग-अलग प्रकार के चेहरे के भाव, उस अनुरूप आवाज के उतार चढ़ाव संबंधी समझ बनाने के उद्देश्य से)

हिंदी भाषा केंद्रित गतिविधि

·       आओ कहानी बनाएं – (बच्चों में कल्पना करने का कौशल व अपने विचारों को मौखिक/लिखित रूप से अभिव्यक्त करने का कौशल विकसित करना)

क्राफ्ट गतिविधि

·       कागज की टोपी बनाना ((बच्चों में रचनात्मक कौशल विकसित करना)

 

 

दूसरा दिन

(हिंदी विषय केंद्रित)

सर्किल टाइम

·       बाल गीत – (किसी भी कविता को हाव-भाव के साथ करने संबंधी समझ बनाने के लिए)

1.      हमने तीन चीजें देखी

2.      चूहों... म्याऊँ सो रही है

हिंदी भाषा केंद्रित गतिविधि

·       रचनात्मक लेखन एवं चित्रकारी – (किसी चित्र को देखकर, उसमें चित्रित पात्रों को देखते हुए उनसे संबंधित किसी कहानी की कल्पना कर पाने का कौशल विकसित करना)

क्राफ्ट गतिविधि

·       ऑरिगेमि पेपर से फाफा बनाना (बच्चों में रचनात्मक कौशल विकसित करना)

 

 

 

तीसरा दिन (हिंदी एवं गणित विषय केंद्रित गतिविधियां)

सर्किल टाइम –

·       बाल गीत

1.      लंबी दाढ़ी वाले बाबा

हिंदी विषय संबंधित गतिविधि

·       कहानी को हाव-भाव एवं आवाज के उतार-चढ़ाव के साथ सुनाना तत्पश्चात बच्चों को सुनाने के लिए प्रेरित करना)

गणित विषय संबंधी गतिविधि

·       गणित का जादू (जोड़ने की अवधारणा पर समझ बनाना)

·       नंबर जम्प (गिनमाला TLM का उपयोग करते हुए गुणा पर समझ बनाना)

एक रोचक खेल ‘नंबर जंप’ खेलते हुए ‘गिनमाला’ TLM का उपयोग करते हुए गुणा की अवधारणा (किसी संख्या को बार-बार जोड़ना) (मानक कलन विधि के पूर्व का step) पर सभी बच्चों को इस प्रक्रिया में शामिल करते हुए समझ बनाया गया)

 

 

 

चौथा दिन (गणित विषय केंद्रित)

सर्किल टाइम –

·       खेल – Lion, Wall & Gun (fun game)

·       गणित के खेल

1.      नंबर गेम (संख्या समझ के साथ-साथ गुणा की अवधारणा पर समझ बनाना)

·       बाल गीत

1.      ये लो हाथी ... (बच्चों को अलग-अलग प्रकार के चेहरे के भाव, उस अनुरूप आवाज के उतार चढ़ाव संबंधी समझ बनाने के उद्देश्य से)

गणित विषय संबंधी गतिविधि

·       नंबर जम्प (गिनमाला एवं स्ट्रॉ TLM का उपयोग करते हुए भाग पर समझ बनाना)

एक रोचक खेल ‘नंबर जंप’ खेलते हुए ‘StrawTLM का उपयोग करते हुए ‘भाग’ (division) की अवधारणा (किसी संख्या को बार-बार घटाना या किसी वस्तु को बराबर बांटना, किसी वस्तु को इकाई या सैकड़ा की ओर से बांटना) (मानक कलन विधि के पूर्व का step) पर सभी बच्चों को इस प्रक्रिया में शामिल करते हुए समझ बनाना)

 

 

 

 

 

पाँचवाँ दिन (पर्यावरण  विषय केंद्रित)

 

 

 

सर्किल टाइम  

·       बाल गीत – (कविता को हाव-भाव के साथ गाना व उसके अर्थ समझना)

1.      एक बुढ़िया ने बोया दाना –

·       पर्यावरण अध्ययन विषय संबंधित गतिविधि –

जिला, राज्य एवं देश के राजनीतिक मानचित्र को देखते हुए दिशा एवं स्थान की समझ बनाना

·       बच्चों का कोना निर्माण –

दूसरे दिन कराए गए सभी बच्चों के रचनात्मक लेखन को कक्षा में एक रस्सी की सहायता से लटकाते हुए ‘बच्चों का कोना’ बनाया गया। 

 

इस 5 दिवसीय कार्यशाला के दौरान शाला के प्रधान पाठक ललित घृतलहरे, शकुंतला सोनवानी, रंजूलता राठिया की उपस्थिति रही। अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन, बेमेतरा से साकेत बिहारी ने इस 5 दिवसीय समर कैंप की गतिविधियों को संचालित किया।