दिनांक 3 नवंबर 2026 अगले माह की इस अति महत्वपूर्ण तिथि की
ओर पूरी दुनिया की नज़र है क्योंकि इस तिथि को संयुक्त राज्य अमेरिका में मध्यावधि
चुनाव (Midterm Election) होना है. यह अमेरिकी राष्ट्रपति के
4 साल के कार्यकाल के मध्य अर्थात 2 साल
पर होने वाला चुनाव है. इस कारण इन्हें मध्यावधि चुनाव कहा जाता है. इस चुनाव का
मुख्य उद्देश्य है – अमेरिकी जनता द्वारा सरकार के प्रमुख (राष्ट्रपति) के कामकाज पर
अपनी राय व्यक्त करना.
मध्यावधि
चुनाव (Midterm
Election) को समझने के लिए अमेरिकी संसद को समझना आवश्यक है. जैसे
हमारे देश की संसद में दो सदन होते हैं, वैसे ही अमेरिका की संसद में भी दो सदन –
प्रतिनिधि सभा और सीनेट होते हैं. प्रतिनिधि सभा (House of Representative) में अमेरिका के 50 राज्यों से 435 प्रतिनिधि, और सीनेट में 50 अमेरिकी राज्यों
के 100 प्रतिनिधि (प्रत्येक राज्य से 2 प्रतिनिधि) चुनकर आते हैं. प्रतिनिधि सभा (House
of Representative) के सदस्यों का कार्यकाल 2
वर्षों का जबकि सीनेट के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्षों का
होता है. ऐसे में प्रत्येक दो-दो वर्षों पर प्रतिनिधि सभा के सभी सदस्य एवं एक
तिहाई सीनेट के सदस्य निर्वाचित होते रहते हैं.
3
नवंबर 2026 को होने वाला यह चुनाव एक तरफ जहां अमेरिकी जनता के बीच राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप के लोकप्रियता की परीक्षा है. तो वहीं दूसरी ओर इसके परिणाम युद्ध
और टैरिफ की चिंता से घिरे देशों के लिए मरहम या जख्म देने का काम करेंगे. इस
तारीख को अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदन के सदस्यों का चुनाव होना है {प्रतिनिधि सभा (House of Representative) के सभी 435 एवं सीनेट के 35 सीट पर}.
चुनाव
के माध्यम से सत्तारूढ़ रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदन {प्रतिनिधि सभा (House of Representative) एवं सीनेट} में बहुमत में बने रहने के लिए प्रयास करेगी, वहीं
विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी अमेरिकी जनता को अपने पक्ष में लाते हुए किसी एक या
दोनों सदन में बहुमत में आने का प्रयास करेगी. वर्तमान में प्रतिनिधि सभा के कुल
435 में से 218 सीट के साथ ट्रंप की रिपब्लिक पार्टी बहुमत में है जबकि
डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 214 सीट है. इसी तरह वर्तमान स्थिति में सीनेट में यह
आंकडा 53 बनाम 47 (दो निर्दलीय को मिलाकर) है. अर्थात प्रतिनिधि सभा में 4 सीट का
और सीनेट में मात्र 6 सीट का अंतर है. ऐसी स्थिति में यदि डेमोक्रेटिक पार्टी को ट्रंप
की नीतियों के कारण महंगाई से त्रस्त व असंतुष्ट अमेरिकी जनता का समर्थन मिल जाता
है तो एक बड़ा उलटफेर हो सकता है. सीटों के बीच अत्यधिक अंतर होने पर डोनाल्ड ट्रंप
की राजनीतिक शक्ति और नीतियों को प्रभावित कर सकती है.[i] हालाँकि राष्ट्रपति पद पर वे
बने रहेंगे लेकिन नागरिकों की नाराजगी को देखते हुए विपक्ष राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग
भी ला सकता है.
विपक्षी
पार्टी (डेमोक्रेटिक पार्टी) यदि किसी सदन में बहुमत हासिल करती है तो डोनाल्ड
ट्रंप के अलग-अलग देशों पर टैरिफ लगाने, ईरान के साथ
युद्ध आदि मुद्दों पर निर्णायक फैसला लेना कठिन हो सकता है.
अमेरिका
के अतिरिक्त विश्व के तीन अन्य देश मेक्सिको, अर्जेंटीना, फिलीपिंस में मध्यावधि
चुनाव (Midterm
Election) की व्यवस्था है.
