2020
शिक्षा नीति में उल्लेखित बातों/निर्देशों को क्रियान्वित करने के उद्देश्य से जुलाई
2021 में भारत सरकार द्वारा NIPUN (National Initiative for Proficiency
in Reading with Understanding and Numeracy) Bharat Mission की
शुरुआत की गई. तब से FLN शब्द का व्यापक प्रयोग किया जाने लगा. NIPUN
Bharat Mission का यह लक्ष्य निर्धारित किया गया कि प्रत्येक बच्चा
कक्षा 3 के अंत तक Foundational Literacy and Numeracy (FLN)
की दक्षता हासिल कर लें. ऐसा इसलिए कि FLN skill किसी भी
बच्चे की आगे की शिक्षा के लिए मजबूत नींव तैयार करने का काम करता है. यहाँ FLN में दो शब्द शामिल है literacy (साक्षरता) और numeracy (संख्या ज्ञान). इस
आलेख में हम foundational literacy (बुनियादी
साक्षरता) को लेकर अपनी समझ विकसित कर रहे होंगे.
किसी
भाषा में foundational literacy (बुनियादी साक्षरता)
skill प्राप्त करने से तात्पर्य है बच्चों में उस targeted भाषा संबंधी ऐसी दक्षता विकसित करना, जिससे कि वह उस
भाषा से संबंधित किसी भी वाक्य या प्रसंग को पढ़कर उसका अर्थ ग्रहण करते हुए यह
समझ बना सके कि कि उसे वाक्य या प्रसंग में क्या कहा/निर्देशित किया जा रहा है? इस
वाक्य या प्रसंग में निहित बात को वह उसी भाषा में या अपनी भाषा में बोलकर या
लिखकर अभिव्यक्त कर सके. इसके अतिरिक्त और भी अपेक्षाएं हैं कि उस भाषा के शब्दों
में निहित ध्वनियों, वर्णों, मात्राओं की पहचान कर सके. साथ ही इस कौशल का उपयोग
वह दैनिक जीवन में कर सके.
इसे
एक उदाहरण के माध्यम से समझते हैं. तीसरी कक्षा के किसी एक बच्चे को हमने एक छोटा
सा प्रसंग पढ़ने को दिया –
‘एक
चिड़िया थी. उसे कहीं से एक मोती मिल गया. उसने उस मोती को अपने नाक में पहन लिया.
और एक राजा के महल पर जा बैठी. राजा को देखकर एक गाना गाना शुरू कर दी ‘मैं राजा
से बड़ी, मेरी नाक में मोती’ ...
इस
5-6 वाक्यों वाले प्रसंग को हम एक बार और पढ़ने के लिए कहेंगे. प्रसंग को 2 बार पढ़ने
के बाद हम उस बच्चे से कुछ सवाल करेंगे. जैसे –
·
चिड़िया को क्या मिला?
·
मोती को नाक में पहनने के
बाद चिड़िया कहाँ चली गई?
·
आप राजा की जगह होते तो
चिड़िया का गाना सुनकर आपको कैसा लगता? आप क्या
करते?
·
आपको मोती मिल जाए तो आप
क्या करेंगे?
यदि बच्चा लोग सवालों
के जवाब मौखिक रूप से तुरंत दे देता है, साथ ही इन
सवालों के उत्तर यदि वह लिखित रूप में भी अभिव्यक्त कर पा रहा है (विशेष रूप से
कल्पना आधारित सवाल) तो हम कह पाएंगे कि यह बच्चा किसी प्रसंग को समझ के साथ पढ़ पा
रहा है. उसने बुनियादी साक्षरता का कौशल प्राप्त कर लिया है.
2020 शिक्षा नीति से पूर्व ‘literacy’ शब्द को केवल पढ़ने और लिखने की क्षमता के लिए use किया जाता था. लेकिन आरंभिक शिक्षा पर लगातार शोध से एक समझ बनी कि किसी भाषा में शब्द-वाक्य केवल पढ़-लिख पाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उसे समझना भी उतना ही आवश्यक है. तब से foundational literacy से मतलब समझ के साथ पढ़ना-लिखना समझा जाने लगा है.